Monday, August 12, 2013

हिंदी प्रचारक प्रशिक्षण महाविद्यालय-हैदराबाद में वार्षिकोत्सव संपन्न

हिंदी प्रचारक प्रशिक्षण महाविद्यालय-हैदराबाद में वार्षिकोत्सव संपन्न

हैदराबाद 16 जुलाई 2013


    दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा द्वारा संचालित हिंदी प्रचारक प्रशिक्षण महाविद्यालय-हैदराबाद के प्रांगण में वार्षिकोत्सव 16 जुलाई 2013 को संपन्न हुआ।इस कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा-आंध्र शाखा के सचिव सी.एस.होसगौड़र, मुख्य अतिथि के रूप में दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा-आंध्र की अध्यक्ष एम.सीतालक्ष्मी,विशेष अतिथि के रूप में दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा-आंध्र शाखा के अपर सचिव एस.राधाकृष्णन, दूरस्थ शिक्षा निदेशालय-हैदराबाद केन्द्र के सहायक निदेशक शंकरसिंह ठाकूर और शिक्षा महाविद्यालय-हैदराबाद के प्राचार्य डॉ.के.बी.मुल्ला और हिंदी प्रचारक प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य प्रमोद बालकृष्ण परीट पधारे।

  



    कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती दीप प्रज्वलन से हुआ।छात्राध्यापिकाओं ने स्वागत गीत से अतिथियों का स्वागत किया।











प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्रवक्ता राधाकृष्ण मिरियाला ने मंचासीन अतिथियों का स्वागत किया।











इस कार्यक्रम के संयोजक एवं हिंदी प्रचारक प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य प्रमोद बालकृष्ण परीट ने सत्र 2012-2013  का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और छात्रों को आशीर्वाद दिया।









मुख्य अतिथि एम.सीतालक्ष्मी ने छात्रों को वार्षिक परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए कुशल एवं आदर्श शिक्षक बनने की प्रेरणा दी।








विशेष अतिथिगण डॉ.के.बी.मुल्ला और शंकरसिंह ठाकूर ने छात्रों को आशीर्वाद दिया।










कार्यक्रम के अध्यक्ष सी.एस.होसगौड़र ने अपने अध्यक्षीय भाषण में दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा के विकास के बारे में बताते हुए सभी प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाओं के साथ प्रोत्साहित किया।इस अवसर पर महाविद्यालय में आयोजित विभिन्न खेल-कूद तथा संस्कृतिक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किये गए।इस अवसर पर पी.जी.विभाग,शिक्षा महाविद्यालय के प्रवक्तागण सभा के शिक्षणेतर कर्मचारीगण और प्रशिक्षणार्थीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रशिक्षण महाविद्यालय की प्रशिक्षणार्थी फातिमुन्निसा और शिवलक्ष्मी ने किया।





प्रशिक्षण महाविद्यालय की प्रवक्ता जुजु गोपीनाथ के धन्यवाद समर्पण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।  










वार्षिकोत्सव की चित्रावाली 




हिंदी-तेलुगु तुलनात्मक व्याकरण एवं आदर्श अध्यापक के गुण पर व्याख्यान संपन्न

हिंदी-तेलुगु तुलनात्मक व्याकरण एवं आदर्श अध्यापक के गुण पर व्याख्यान संपन्न
हैदराबाद 16 अप्रैल 2013      
     
हिंदी प्रचारक प्रशिक्षण महाविद्यालय,दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा-आन्ध्र हैदराबाद के तत्वावधान में 16 अप्रैल 2013 को हिंदी-तेलुगु तुलनात्मक व्याकरण एवं आदर्श अध्यापक के गुण पर हिंदी प्रेमी मंडली विजयनगर कॉलोनी के अध्यक्ष चवाकुल नरसिंह मूर्ती का अतिथि व्याख्यान संपन्न हुआ।    

नरसिंह मूर्ती ने प्रशिक्षणार्थीयों को संबोधित करते हुए अपने व्याख्यान में हिंदी-तेलुगु तुलनात्मक व्याकरण से संबंधित अध्यापन बिन्दुओं पर प्रकाश डाला और कहा कि अध्यापक के लिए व्यकारण अत्यंत आवश्यक है.इसके अभाव में शिक्षण कार्य सफल नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि आज के बदलते परिप्रेक्ष्य में अध्यापन कार्य में बदलाव लाना अनिवार्य है। संप्रेषणीयता और बोधगम्यता अध्ययन तथा अध्यापन दोनों के आवश्यक तत्व है।  


आरंभ में अतिथि वक्ता का परिचय प्रचारक प्रशिक्षण महाविद्यालय की प्रवक्ता राधाकृष्ण मिरियाला ने दिया।उसके बाद अध्यक्षीय उद्भोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रमोद बालकृष्ण परीट ने आदर्श अध्यापक के गुण एवं व्याकरण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर मुख्य वक्ता ने प्रशिक्षणार्थियों की जिज्ञासाओं का भी समाधान किया। कार्यक्रम में डॉ.लक्ष्मी उमाराणी मलेंपाटि,जुजु गोपीनाथ एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण महाविद्यालय की प्रवक्ता जुजु गोपीनाथ के धन्यवाद के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।       


  

Saturday, April 6, 2013

'समाजीकरण में शिक्षा का योगदान' पर अतिथि व्याख्यान संपन्न।

'समाजीकरण में शिक्षा का योगदान' पर अतिथि व्याख्यान संपन्न।

हैदराबाद,
04-04-2013.

हिंदी प्रचारक प्रशिक्षण महाविद्यालय, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा में आज हिंदी प्रचारक प्रशिक्षण महाविद्याल जनगाँव  के प्राचार्य डॉ.उदय शर्मा ने 'समाजीकरण में शिक्षा का योगदान' पर अतिथि व्याख्यान दिया।



  डॉ.उदय शर्मा ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए अपने व्याख्यान में बालक के समाजीकरण प्रक्रिया के बारे में समझाया। आधुनिक समाज का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आज कल माता-पिता  छोटे-छोटे बच्चों को भी छोड़कर धन आर्जन  के लिए चले जाते है। इससे पता चलता है कि  परिवार अपना योगदान को पूरा नहीं कर पा रहा है।

           





 डॉ.उदय शर्मा ने आगे कहा कि तकनीकी की ओर  बच्चों का अधिकतम ध्यान होने के कारण अधिक से अधिक खेल भी कम्प्यूटर पर खेल रहे हैं। उससे खेल मैदान में होनेवाले समाजीकरण का अवसर समाप्त हो जाता है। 

          
 अतिथि वक्ता ने प्रशिक्षणार्थियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि  अध्यापन व्यवसाय इस दृष्टी से श्रेष्ठ है कि  अध्यापक राष्ट्र के चरित्र का निर्माण करता है। अध्यापक के पास ऐसा धन है कि न भाई बाँट  सकता ,  न चोर चुरा सकता, न राजा अपहरण कर सकता। 
      
         







 आरंभ  में अतिथि वक्ता का परिचय प्रशिक्षाणार्थी  नाजिया बेगम ने दिया। अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रमोद परीट बालक का समाजीकरण की विशेष संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
  
            





इस व्याख्यान में मुख्य वक्ता ने प्रशिक्षणार्थियों की जिज्ञासाओं का भी समाधान किया। इस कार्यक्रम में प्रवक्ता गण  राधा कृष्ण मिरियाला, श्रीमती जुजु  गोपीनाथ एवं सभी  प्रशिक्षाणार्थी गण शामिल है।
अंत में प्रशिक्षण महाविद्यालय की प्रवक्ता डॉ लक्ष्मी उमाराणी ने धन्यवाद ज्ञापित की। 



हैदराबाद , 04-04-2013 .
   हिंदी प्रचारक प्रशिक्षण महाविद्यालय ,दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा हैदराबाद में "समाजीकरण में शिक्षा का योगदान " विषयक अतिथि व्याख्यान  आयोजित की गई। इस आयोजन की अध्यक्षता प्राचार्य प्रमोद परीट  ने की।

स्वतंत्र वार्ता  07-04-2013.


हिंदी मिलाप 07-04-2013.


स्रवंति अप्रैल 2013


Tuesday, March 26, 2013

होली की खूब सारी शभकामनाएँ।।।

होली की खूब सारी भकामनाएँ।।।

रंग के त्यौहार में 
सभी रंगों की हो भरमार 
ढेर सारी खुशियों से भरा हो आपका संसार 
यही दुआ है हमारी भगवान से हर बार। 
होली मुबारक।





रंगों से भी रंगीन जिन्दगी है हमारी 
रंगीली रहे यह बंदगी है हमारी 
कभी न बिगड़े ये प्यार की रंगोली 
आये मेरे यार ऐसी हैप्पी होली ....

आपको और आपके परिवार को होली की खूब सारी शुभकामनाएँ इसी दुआ के साथ आपके व आपके परिवार के साथ सभी के लिए सुखदायक, मंगलकारी व आनंददायक हो। आपकी सारी इच्छाएँ पूर्ण हो व सपनों को साकार करें। आप जिस भी क्षेत्र में कदम बढ़ाएं, सफलता आपके कदम चूमें ......
                                             होली की खूब सारी शुभकामनाएँ ........

इस संदर्भ में मेरे गुरु जी परम आदरणीय प्रो. ऋषभ देव शर्मा  जी की कविता को यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ .... 


होली के  रं

                                                                     -ऋषभ देव शर्मा
अब तो रुकना शहर में नहीं सुरक्षित,नाथ।
सूरज भी घुसता यहाँ पार-पत्र  ले हाथ।

रहे खोजते शहर में कहीं  प्यार की गंध,
कृत्रिम गंधों के मिले गली-गली अनुबंध।

गुड़ियों के व्यामोह में रमे नगर में नाथ,
रोज राह मैं जोहती गोबर साए हाथ।

यौवन के आँगन रुका सूर्य राह को भूल,
धूप -स्नान करता रहा सूर्यमुखी का फूल।

खट्टे आमों में बसे नई वधू  के प्राण,
अमराई का बढ़ गया यूँ  थोड़ा अभिमान।

अधरों में ज्वाला जगी, उगे देह में शूल,
छुआ भ्रमर ने भूल से एक कुंवारा फूल।
नशा नहीं कुछ चढ़ रहा,कैसी छानी  भंग ?
होली देखी शहर में,फीके सारे रंग।

रंगों का मुहताज क्यों यह रंगों का देश ?
सप्त-किरणों को डस गया अंधकार का शेष।

घोले तो थे नीर में टेसू लाल प्रसून,
पिचकारी में भर गया भारत माँ का खून

जब होली को लिख रहा में हार्दिक संबंध ,
हस्ताक्षर को आ गए रोटी के अनुबंध।

Wednesday, March 20, 2013

पोस्टर प्रदर्शनी - भवानी प्रसाद मिश्र एवं विष्णु प्रभाकर शताब्दी समारोह

पोस्टर प्रदर्शनी - भवानी प्रसाद मिश्र एवं विष्णु प्रभाकर शताब्दी समारोह 




 09-10 मार्च 2013 के दिन मेरे जीवन के अत्यंत स्मरणीय दो दिन हैं। इन दिनों में बहुत कुछ जानने-सीखने को मिला। अवसर था हमारे उच्च शिक्षा और शोध संस्थान ( दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा ) में 'भवानी प्रसाद मिश्र एवं विष्णु प्रभाकर जन्म शताब्दी समारोह का।




इस अवसर पर दो दिन की राष्ट्रीय संगोष्ठी हुई जिसमें अनेक विद्वानों को देखने और सुनने का सोव्भाग्य मिला। साथ ही पिछली संगोष्ठियों की तरह इस बार भी पोस्टर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। जिसे छात्रों और शोधार्थियों के साथ-साथ आचार्यों और विद्वानों ने भी मुक्त कंठ से सराहा।







प्रस्तुत है पोस्टर प्रदर्शनी का स्लाइड शो :

https://plus.google.com/photos/104648120459341691318/albums/5857476132594988689?authkey=CN-0r7G77pSOgAE

Wednesday, March 13, 2013

भवानी प्रसाद मिश्र एवं विष्णु प्रभाकर शताब्दी समारोह संपन्न


भवानी प्रसाद मिश्र एवं विष्णु प्रभाकर शताब्दी समारोह संपन्न

 हैदराबाद, 14  मार्च 2013.

उच्च शिक्षा और शोध संस्थान, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा ,हैदराबाद द्वारा  सभा  के परिसर में  09-10 मार्च 2013  (शनिवार-रविवार ) दो दिन  " भवानी प्रसाद मिश्र एवं विष्णु प्रभाकर शताब्दीसमारोह"  का आयोजन किया गया। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में अनेक प्रसिद्ध साहित्यकारों ने  पधारकर भवानी प्रसाद मिश्र  एवं विष्णु प्रभाकर से सम्बंधित अनेक विषयों को प्रस्तुत किया जिसकी  संस्थान के अलावा अन्य विश्वविद्यालयों से आए हुए छात्रों-शोधार्थियों-प्राध्यापकों और अन्य विद्वानों व हिन्दीप्रेमियों ने भरपूर सराहना की 

कार्यक्रम से संबंधित संपूर्ण जानकारी नीचे दिए गए संपर्क-सूत्रों  पर उपलब्ध  है - 

हिंदी मीडिया
http://hindimedia.in/2/index.php/patrika/charcha-sanghosti/3792-in-south-india-hindi-prachar-sabha-dvidivsiy-national-seminar.html 

http://hindimedia.in/2/index.php/patrika/charcha-sanghosti/3797-promotion-of-hindi-in-south-india-continues-to-spread-the-faith-pro-keshari-lal-verma.html 


मीडिया खबर
http://mediakhabar.com/media-news/media-khabar-exclusive/5314-hindi-in-south-india.html#.UT3WNw0LMkU.facebook 


अपनी माटी
http://www.apnimaati.com/2013/03/blog-post_11.html 


हैदराबाद से

Tuesday, March 5, 2013

निमंत्रण पत्र : भवानी प्रसाद मिश्र एवं विष्णु प्रभाकर शताब्दी समारोह ..

हैदराबाद,  5 मार्च 2013.
                 

            उच्च शिक्षा और शोध संस्थान, दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा के तत्वावधान में सभा (हैदराबाद) के परिसर में   09--10 मार्च 2013  (शनिवार -रविवार ) दो दिन  " भवानी प्रसाद मिश्र एवं विष्णु प्रभाकर शताब्दी समारोह"  आयोजित किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में अनेक प्रसिद्ध साहित्यकार पधारेंगे। कार्यक्रम से संबंधित संपूर्ण जानकारी नीचे दिए गए लिंक द्वारा उपलब्द है। सभी साहित्य प्रेमियों से सविनय निवेदन है कि इस आयोजन में पधारकर कार्यक्रम  की गरिमा बढ़ाऍ।

  👉“మనిషి జీవితం !?!?”👈 పుట్టగానే జాతకం బ్రతుకంతా నాటకం బంధాలన్నీ బూటకం దానికై నువ్వు చేసే పాతకం చివరికి నువ్వు చస్తే సూతకం ఇదే కదా !......